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Tuesday, June 19, 2012

टीम अन्ना विकल्प के साथ आओ, गुमराह मत करो

अन्ना टीम को क्या हो गया है?
इनका हाल ये है कि 2x2=5।
अन्ना टीम- आपने जो हल निकाला वो गलत हैं।
हमने पूछा कि सही क्या है।
सही जवाब क्या है ये तो पता नहीं पर ये आपका जवाब गलत है।

प्लीज अन्ना और अन्ना टीम, सारी दुनिया पर भ्रष्ट होने का आरोप लगा रहे हैं तो प्लीज कौन भ्रष्ट नहीं है वो भी तो बताइए। जनता जिस को चुनती है उसको आप भ्रष्ट करार दे देते हैं।

सवाल खड़े किए हैं तो जवाब भी तो ले कर आइए।

याद है आपको वो कहानी...शायद याद होगी...
एक चित्रकार था उसने अपने द्वारा बनाया हुआ एक चित्र रेलवे स्टेशन पर लगा दिया और फिर लिखा कि इसमें क्या गलती है वो बताइए। हर निकलने वाले शख्स ने उसमें अपनी टिप्पणी लिख दी या कलम चला दी।
दूसरे दिन फिर वो ही चित्र उसी स्टेशन पर उस चित्रकार ने वो ही चित्र लगाया और लिखा जो गलती हो उसे बताए नहीं कृप्या ठीक कर दें...दो दिन बाद भी उस तस्वीर में सिर्फ धूल चढ़ी लेकिन किसी ने गलती नहीं बताई।

अन्ना टीम, ये बहुत ही आसान होता है कि किसी पर उंगली उठा दी जाए पर ये बहुत मुश्किल होता है कि उंगली उठाते हुए उस का विकल्प भी साथ में दें

हर कांग्रेसी आपकी नजर में गुनहगार है और साथ है वो भ्रष्ट भी है। तो क्या बीजेपी या फिर बीएसपी या फिर एसपी में से कोई भी भ्रष्ट नहीं है। या फिर लेफ्ट को हम लोग क्यों चुन कर नहीं लाते सत्ता में, क्या वहां पर भी सब करप्ट हैं। यदि हैं तो कौन नहीं करप्ट है ये साथ में बताइए वर्ना लोगों को गुमराह करना छोड़ दीजिए या फिर राष्ट्रपति शासन लगावने की वकालत कीजिए।

धन्यवाद

Wednesday, September 24, 2008

लीजिए, हम और Corrupt Nation हो गए

क्या फिर हमने गाड़े हैं झंडे। नहीं, इस बार हम 13 पायदान और गिरकर और भ्रष्टाचारी देश हो गए हैं। भारत में भ्रष्टाचार का इंडेक्स कुछ ज्यादा ही बढ़ता जा रहा है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की ताज़ा रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग पिछले साल के मुकाबले और नीचे चली गई है। यानी की हम और करपट देशों में शुमार होने लगे हैं। एजेंसी ने दुनिभाभर के 180 देशों की सूची में भारत को भ्रष्टाचार के मामले में 85वें नंबर पर ऱखा है। पिछले साल भारत की रैंकिंग 72 वें स्थान पर थी। बड़े ही दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हम और गिर गए हैं।

हमारी इस दशा का जिम्मेदार कौन? यदि ये सवाल उठाया जाए तो हाल फिलहाल में संसद कांड याद आता है जिसे पूरी दुनिया में देखा गया था। जिसका नतीजा एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए सर्वे में सामने आया कि दुनिया में भारत भ्रष्टाचार के मामले में भारत की छवि और नीच गिर गई है। इस सर्वे को जिन बातों में ध्यान में रख कर किया गया वो राजनीतिक और सार्वजनिक सेवाओं में फैले भ्रष्टाचार हैं। वैसे रिपोर्ट में किसी खास डिपार्टमेंट का जिक्र नहीं किया गया है पर दुनियाभर के साथ भारत में भी भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस विभाग ने अव्वल आकर झंडे गाड़े हैं।

अब सोचने की बात तो ये है कि क्या अगले साल हम कहीं और तो नहीं गिर जाएंगे?

आपका अपना
नीतीश राज
“जब भी बोलो, सोच कर बोलो,
मुद्दतों सोचो, मुख्तसर बोलो”