Friday, November 14, 2008

ऑस्ट्रेलिया के बाद अंग्रेजो के छूटे छक्के

ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में धूल चटाने के बाद भारत ने अंग्रेजों के छक्के छुडा़ दिए। राजकोट में धोनी के रनवीरों ने ऐसा खेल खेला जिसे देख अंग्रेजों की हालत पतली हो गई। टॉस जीतने का बाद भारत को पहले बल्लेबाजी कराने का पीटरसन का फैसला उनके लिए हार का कारण बन गया। बाकी का काम भारतीय बल्लेबाजों ने कर दिया।

भारत की शानदार बल्लेबाजी

भारत की सलामी जोड़ी वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ने अपने बल्ले का जादू दिखाना शुरु कर दिया। माना जा रहा था कि जो भी पहले बल्लेबाजी करेगा उसे शुरुआत के एक घंटे तक परेशानी तो होगी ही। पर वीरु की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी ने ये टीम इंडिया के ड्रेर्सिंग रुम में ये विश्वास तो पैदा कर ही दिया कि भारत एक बड़े स्कोर की तरफ जरुर बढ़ चला है। वीरू ने 10 चौके और 3 छक्कों की मदद से 73 गेंदों पर 85 रन की पारी खेली और उनका बखूबी साथ दिया गंभीर ने। गंभीर ने 63 गेंदों पर 51 रन बनाए जिसमें 8 चौके शामिल थे। 20 ओवर में 127 के स्कोर पर गंभीर को पटेल ने आउट किया। फिर रैना ने आकर ताबड़तोड़ 3 छक्कों की मदद से 44 गेंद पर 43 रन बनाए।

राजकोट का युवराज

भारतीय पारी की सबसे खास बात रही युवराज की विस्फोटक नाबाद पारी। युवराज ने 78 गंदों पर 16 चौकों और 6 शानदार छक्कों की मदद से 138 रन बनाए। युवराज ने इंग्लैंड के खिलाफ सबसे तेज शतक जमाने का कीर्तिमान भी जमाया और किसी भी भारतीय का दूसरा सबसे जल्दी शतक। अपने ही देश में टीम इंडिया ने बनाया अब तक का सबसे बड़ा स्कोर। साथ ही पूरी दुनिया में भारत का दूसरा सबसे विशाल स्कोर। इंग्लैंड की ये तीसरी सबसे बड़ी और शर्मनाक हार है। युवराज ने इंग्लैंड के सभी गेदंबाजों को खूब धुना। युवराज ने फ्लिंटॉफ की 13 गेंदों पर 34 रन ठोंके, हारमिसन की 26 गेंदों पर 48 रन बनाए और साथ ही स्टूअर्ट ब्रोड की 15 गेंदों पर 26 रन बटोरे। कप्तान धोनी ने 32 गेंदों पर 39 रन बनाए जिसमें 1 छक्का और 3 चौके थे। युवराज ने 100 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से ही बना दिए पूरी पारी में सिर्फ 38 रन दौड़ कर लिए। पांच महीने के बाद युवराज ने राजकोट के रण में अपना तूफान बरपा कर ये तो बता दिया कि उनको टीम से बाहर रखना सही फैसला नहीं है। अब भारत ने अब तक का अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर इंग्लैंड के सामने खड़ा कर दिया। इंग्लैंड को 388 रन की चुनौती देकर भारत 75 फीसदी मैच जीत चुका था।

गेंदबाजों ने किया कमाल

अब देखना ये था कि गेंदबाज कितनी जल्दी इस मैच को खत्म करते हैं। इंग्लैंड के स्कोर बोर्ड पर जब 12 रन ही बने थे तब मुनाफ ने प्रायर को सहवाग के हाथों लपकवाकर चलता कर दिया। फिर 150 वां वन डे खेल रहे जहीर ने कमाल दिखाते हुए एक के बाद एक तीन विकेट झटक लिए। 11 वें ओवर में बैल और फिर डेंजर मैन फ्लिंटॉफ को आउट कर भारत की जीत पर मुहर लगा दी। अब सारा का सारा दारोमदार कप्तान पीटरसन पर आगया। पीटरसन ने कुछ शानदार शॉट लगाए और 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 63 रन बनाए पर रोहित शर्मा की शानदार फील्डिंग की बदौलत पीटरसन रन आउट हो गए। अब तो सिर्फ औपचारिकता मात्र शेष रह गई थी। पर बोपारा ने 5 दमदार छक्कों की बदौलत 54 रन सिर्फ 38 गेंद पर बना दिए। पर ये पारी सिर्फ इंग्लैंड को सबसे बड़ी और शर्मनाक हार होने से भर बचा पाई। और 38 ओवर में 229 पर इंग्लैंड की पारी सिमट गई। भारत 158 रन के राजकोट का रण जीत गया। युवराज को शानदार बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। भारत 7 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है।

अब नहीं कोई मलाल

युवराज को मैन ऑफ द मैच चुना गया और फिर मिली उनको बाइक। धोनी ने बाइक देखी और युवराज को पीछे बिठा कर चल दिए ग्राउंड का चक्कर लगाने। धोनी का टीम के साथ और साथ ही हर खिलाड़ी के साथ रमना बहुत ही अच्छा लगता है। शायद ये भी एक स्टाइल है हमारे युवा कप्तान की। बस देखना ये होगा कि युवराज अगले मैच के लिए पूरी तरह से फिट हो जाएं। आज की जीत के बाद तो ये ही लगता है कि टीम इंडिया को अपने पांच सीनियर खिलाड़ी की जगह लेने वाले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी मिल गए हैं।

आपका अपना
नीतीश राज

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